SmartRupiya App Real Or Fake In Hindi | क्या यह एक Scam है?

SmartRupiya App Real or Fake in Hindi

आजकल इंडिया में लोन की जरूरत पड़े तो ज्यादातर लोग बैंक नहीं, सीधे इंस्टेंट लोन ऐप्स की तरफ भागते हैं; क्योंकि सबको जल्दी पैसे चाहिए और कम झंझट वाला तरीका चाहिए। 

इसी भीड़ में एक नाम काफी बार सामने आने लगा है: SmartRupiya App

सोशल मीडिया पर इसके विज्ञापन दिखते हैं, “5 मिनट में लोन मिल जाएगा” जैसी लाइनें सुनने को मिलती हैं… और स्वाभाविक है, किसी को भी एक बार तो curiosity होती ही है; सच में पैसे मिलते हैं या बस दिखावा?

लेकिन जितनी तेजी से लोग इसे सर्च कर रहे हैं, उतनी ही तेजी से इसके बारे में शिकायतें भी सामने आ रही हैं। कई लोग पूछते हैं: Smart Rupiya App Real or Fake in Hindi

इसी confusion को दूर करने के लिए हमने SmartRupiya को ठीक से समझा, यूज़र अनुभव देखे, और पूरा मामला सरल भाषा में आपके लिए समझाया है; ताकि आप तय कर सकें कि इसे इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं।

SmartRupiya App Kya Hai?

SmartRupiya एक ऑनलाइन लोन ऐप है जो Google Play Store पर मिलता है और दावा करता है कि यह ₹3,000 से ₹1,00,000 तक का instant personal loan दिलाता है। 

सुनने में आसान लगता है,but असली तस्वीर समझना ज़रूरी है।

ऐप के मुताबिक:

  • यह खुद लोन नहीं देता, बल्कि रजिस्टर्ड NBFCs के साथ काम करता है।
  • इसकी एक पार्टनर NBFC है DOS Lease & Finance Pvt. Ltd.
  • लोन अवधि: 91–365 दिन
  • ब्याज दर: लगभग 18% सालाना (0.05% daily)

SmartRupiya खुद को एक “AI आधारित ट्रांसपेरेंट पोस्ट-लोन मैनेजमेंट प्लेटफ़ॉर्म” बताता है।

मतलब क्या?

ये ऐप AI और big data के आधार पर loan offers match करता है।  और ये ऐप ये भी दावा करता है कि इसकी पूरी प्रक्रिया simple और साफ़-सुथरी है।

प्रक्रिया कुछ इस तरह बताई गई है:

  1. ऐप डाउनलोड करें
  2. बेसिक डिटेल्स देकर अकाउंट रजिस्टर करें
  3. KYC सबमिट करें (Aadhaar, PAN, बैंक डिटेल्स)
  4. AI आपकी eligibility के हिसाब से loan offers दिखाएगा
  5. अप्रूवल मिलते ही पैसा अकाउंट में आ जाएगा

ऊपर से देखें तो सब कुछ “सही और transparent” लगता है, कोई hidden charges नहीं, तेज़ approval, और आसान तरीका।

लेकिन, यूज़र्स के रियल अनुभव इन दावों से बिल्कुल उल्टा बताते हैं। यानी, कागज़ों पर ऐप जितना polished लगता है, असल में उतने ही सवाल पैदा करता है।

SmartRupiya App Real hai ya Fake

SmartRupiya App real ya fake ,यह सवाल बिल्कुल जायज़ है।

क्योंकि बाहर से देखने पर ऐप खुद को एक “legal loan intermediary” बताता है और दावा करता है कि यह RBI-registered NBFCs के साथ मिलकर लोन ऑफर करता है।

लेकिन असली कहानी उतनी सीधी नहीं है।

RupeeRiser की सितंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, बहुत से यूज़र्स ने गंभीर शिकायतें की हैं, जैसे:

  • बेवजह और बहुत ज़्यादा चार्जेस लगाना
  • बिना अनुमति के लोन डिस्बर्स कर देना
  • धमकी भरे recovery calls
  • बिल्कुल भी customer support न मिलना

Google Play Store पर ऐप की रेटिंग 4.5 स्टार दिखती है, लेकिन सच यह है कि इनमें से ज्यादातर positive reviews fake लगते हैं।

Recent reviews में तो नेगेटिव फीडबैक ही हावी है, कई लोग unauthorized loans, high charges और unfair terms की शिकायत कर चुके हैं।

यानी बाहरी चमक के पीछे काफी red flags छिपे हुए हैं।

SmartRupiya की शिकायतें 

SmartRupiya के रिव्यू देखकर एक बात बिल्कुल साफ़ समझ आती है , यूज़र्स की उम्मीदें और ऐप का असली अनुभव बिल्कुल भी मैच नहीं करता। 

बहुत सारे लोगों ने पैसे अटकने, फ़ेक लोन अप्रूवल दिखाकर एक्स्ट्रा चार्ज माँगने, और कस्टमर सपोर्ट के गलत या बदतमीज़ व्यवहार जैसे मुद्दे शेयर किए हैं।

RupeeRiser की रिपोर्ट के अनुसार:

कई यूज़र्स को ₹5,600 के लोन में से सिर्फ ₹3,360 ही मिले, बाकी ₹2,240 को मात्र 7 दिनों का “इंटरस्ट/चार्ज” बताया गया।

मतलब?

  • 7 दिनों के लिए 30–50% तक की प्रभावी दर
  • सालाना हिसाब से यह 500%+ निकलता है
  • जो कि RBI के 36% के कैप से कई गुना ज्यादा है

यानी कागज़ों पर “low interest” और “no hidden fees” का वादा, लेकिन असल में बेहद महंगे और संदिग्ध चार्जेस वसूले जा रहे हैं।

कुछ यूज़र्स के रिव्यू पढ़कर साफ़ दिखता है कि SmartRupiya ऐप को लेकर लोगों की परेशानी सिर्फ़ लोन प्रोसेस तक सीमित नहीं है।

कई लोगों ने अनइथिकल प्रैक्टिस, बिना अनुमति पैसे डालने और हाई चार्जेस जैसी बड़ी समस्याएँ बताई हैं।

स्क्रीनशॉट में दिख रहे दोनों रिव्यू इसी बात की पुष्टि करते हैं।

smartrupiya user complaint

इन दोनों रिव्यूज़ से एक चीज़ बिल्कुल साफ़ है,यूज़र्स ऐप की पारदर्शिता और सुरक्षा पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।

कहीं बिना अनुमति लोन दिया जा रहा है, तो कहीं repayment terms और charges यूज़र्स को बुरी तरह परेशान कर रहे हैं।

मतलब साफ है,ऐप से जुड़ी वास्तविक समस्याएं दिखने से कहीं ज़्यादा गंभीर हैं।

Kya SmartRupiya App ek Scam hai?

ऐप दावा करता है कि वह एक भरोसेमंद प्लेटफ़ॉर्म है, जो RBI-registered NBFC DOS Lease & Finance Pvt. Ltd. के साथ मिलकर लोन देता है। 

साथ ही यह “transparent fees” और “bank-level data security” जैसी बातें भी बताता है।

लेकिन यूज़र्स का असली अनुभव इन दावों से बिल्कुल अलग दिखाई देता है।

Consumer Complaints Court पर दर्ज शिकायतों से कई चिंताजनक पैटर्न सामने आए हैं:

1. बिना अनुमति के लोन डिस्बर्समेंट: कई यूज़र्स ने बताया कि उनके अकाउंट में उनकी अनुमति के बिना लोन क्रेडिट कर दिया गया।

एक शिकायत में लिखा था,“एप में लोन फेल दिखा रहा था, लेकिन पैसा अकाउंट में आ गया।”

2. बेहद ज्यादा ब्याज और चार्जेस: RupeeRiser की जांच के अनुसार, ₹5,600 के लोन में से कई यूज़र्स को सिर्फ ₹3,360 ही मिले, बाकी ₹2,240 सिर्फ 7 दिनों के लिए चार्ज कर लिया गया।

यह प्रभावी ब्याज दर 30–50% (7 दिनों के लिए) और सालाना हिसाब से 500%+ बैठती है,जो कि RBI के 36% लिमिट से कई गुना ज़्यादा है।

3. ऑटोमेटिक लोन अपग्रेड: कुछ यूज़र्स ने बताया कि एक लोन चुकाने के बाद ऐप ने उनकी अनुमति के बिना नया लोन क्रेडिट कर दिया, और फिर उसकी भी रिकवरी मांगने लगा।

4. धमकियाँ और उत्पीड़न: रिकवरी एजेंट्स लोगों की मॉर्फ्डबदली हुई तस्वीरें भेजकर, परिवार और कॉन्टैक्ट्स को कॉल कर धमकियाँ देते हैं।

एक यूज़र ने लिखा, “उन्होंने कहा कि तुम्हारी ID प्रूफ और सभी कॉन्टैक्ट्स को misuse करेंगे। उन्होंने मेरे सभी कॉन्टैक्ट्स को परेशान किया।”

ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत कहां करें?

अगर आप भी ऐसे लोन ऐप स्कैम का शिकार हुए हैं, तो ये ज़रूरी कदम तुरंत उठाएँ:

  1. शिकायत दर्ज करें: RBI के Sachet Portal पर रिपोर्ट करें , यहाँ 80% मामलों का समाधान हो जाता है।
  2. ट्रांज़ैक्शन ब्लॉक करवाएँ: अपनी बैंक से तुरंत संपर्क करें और अनधिकृत कटौतियों को ब्लॉक करवाएँ।
  3. सबूत सुरक्षित रखें: सभी मैसेज, कॉल रिकॉर्डिंग/कॉल लॉग और ट्रांज़ैक्शन की डिटेल्स संभालकर रखें।
  4. साइबर क्राइम में शिकायत करें: National Cyber Crime Portal पर ऑनलाइन कंप्लेंट दर्ज करें।

हमारी सहायता लें

अगर आप किसी फ्रॉड लोन ऐप का शिकार हो गए हैं, तो यहाँ रजिस्टर  करें। 

आपको यहाँ एक्सपर्ट सपोर्ट मिलेगा,स्टेप-बाय-स्टेप गाइडेंस, फंड रिकवरी में मदद, और फ्रॉडस्टर्स के खिलाफ सही कानूनी कार्रवाई करने का तरीका।

निष्कर्ष

SmartRupiya से दूर रहना ही सबसे सुरक्षित फैसला है। बाज़ार में बहुत से ऐसे विकल्प मौजूद हैं जो पारदर्शी हैं, RBI द्वारा अनुमोदित हैं और जिनका रिकॉर्ड भरोसेमंद है। 

इमरजेंसी में पैसा चाहिए तो हमेशा उन्हीं संस्थानों पर भरोसा करें जिनकी शर्तें साफ हों और जिनका ग्राहक सहायता सिस्टम मजबूत हो,चाहे वह आपके एम्प्लॉयर का सैलरी एडवांस हो, किसी बैंक का गोल्ड लोन हो, या किसी प्रतिष्ठित NBFC का पर्सनल लोन।

सबसे ज़रूरी बात यह है कि अगर कोई ऐप बेवजह की परमिशन मांगे, बिना आपकी सहमति के पैसा ट्रांसफर कर दे, या अविश्वसनीय रूप से ऊँची ब्याज दरें लगाए, तो तुरंत दूरी बना लें। 

आपकी वित्तीय सुरक्षा और व्यक्तिगत सम्मान, किसी भी “तुरंत मिलने वाले लोन” से ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं,खासकर जब वह लोन बाद में सिर्फ़ तनाव, धमकियों और धोखाधड़ी का कारण बन जाए।

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