Quick Summary
Karz Mukt Bharat Abhiyan या कर्ज़ मुक्ति अभियान जैसे नामों से चल रहे अभियान कहते हैं कि सदस्य बनो और loan माफ हो जाएगा। यह कोई सरकारी योजना नहीं है। पंजाब में लोगों ने ₹50 से ₹500 देकर सदस्यता ली, रसीद को माफी का कागज़ समझा और EMI भरना बंद कर दिया। RBI ने 11 दिसंबर 2023 और फिर 4 मई 2026 को चेतावनी दी कि फीस लेकर दिए गए “कर्ज़ माफी certificate” झूठे और भ्रामक हैं।
EMI का बोझ बढ़ता जा रहा है, recovery वाले फोन कर रहे हैं, और तभी कोई कहता है कि बस एक अभियान से जुड़ जाओ, सारा कर्ज़ माफ हो जाएगा।
ऐसे वक्त में यह बात किसी सहारे जैसी लगती है। इसीलिए बहुत लोग पूछ रहे हैं कि karz mukt bharat abhiyan kya hai और क्या इससे सच में loan खत्म होता है।
नीचे हमने RBI की चेतावनी, पंजाब में हुई असली घटनाएं और कर्ज़ से निकलने के सही रास्ते आसान भाषा में रखे हैं।
Karz Mukt Bharat Abhiyan In Hindi
नाम का मतलब है “कर्ज़ मुक्त भारत अभियान”, और यही उम्मीद यह बेचता है।
ये अभियान अपने बारे में क्या कहते हैं, पहले वो समझिए।
इस नाम से social media पर ऐसे post दिखते हैं जो bank, microfinance या साहूकार का कर्ज़ न चुका पाने वालों से सीधे बात करते हैं।
ये “दूसरा मौका” देने की बात करते हैं, वेबसाइट पर form भरने को कहते हैं और recovery वालों की धमकियों से बचाने का दावा करते हैं।
ज़मीन पर इसी तरह के अभियान कर्ज़ मुक्ति अभियान जैसे नामों से रैली करते हैं, सदस्य बनाते हैं और कई जगह राजनीतिक दलों के नाम और निशान भी इस्तेमाल करते हैं।
Karz Mukt Bharat Abhiyan Real Hai Ya Fake?
Karz Mukt Bharat Abhiyan कोई सरकारी योजना नहीं है और इसे loan माफ करने का RBI से कोई अधिकार नहीं मिला है।
आपका loan सिर्फ वही bank, NBFC या MFI बदल सकता है जिसने आपको loan दिया, और वो भी लिखित में।
अभियान से जुड़ना, form भरना या फीस देना आपके loan में से एक रुपया भी कम नहीं करता।
सदस्यता की रसीद बस यह बताती है कि आप किसी समूह से जुड़े हैं।
कर्ज़ माफी के नाम पर पैसा कैसे लिया जाता है?
इस नाम का इस्तेमाल करने वाला हर व्यक्ति आपको ठगना चाहे, ऐसा ज़रूरी नहीं।
मुश्किल तब शुरू होती है जब loan गायब करने के बदले पैसा मांगा जाए।
- कहा जाता है कि joining या registration fee भरते ही loan माफ हो जाएगा।
- बदले में रसीद या certificate मिलता है, जो सरकारी कागज़ जैसा दिखता है।
- फिर समझाया जाता है कि अब EMI भरने की ज़रूरत नहीं।
- loan की जानकारी, पहचान पत्र और दूसरे दस्तावेज़ भी ले लिए जाते हैं।
RBI ने ठीक यही बात कही है।
उसके मुताबिक कुछ लोग “कर्ज़ माफी certificate” के लिए service या legal fee ले रहे हैं, जिसका उन्हें कोई अधिकार नहीं है, और ऐसे दावे झूठे और भ्रामक हैं।

पंजाब में Karz Mukti Abhiyan से क्या हुआ?
इन अभियानों का असर सबसे साफ पंजाब में दिखा। दिसंबर 2023 में The Core ने गुरदासपुर और बटाला में इसकी पड़ताल की।
स्थानीय समूहों ने कर्ज़ मुक्ति अभियान और मज़दूर मुक्ति मोर्चा जैसे नामों से रैलियां कीं।
निशाने पर थे microfinance और private bank से loan लेने वाले लोग, जिनमें बहुत सी महिलाएं और किसान थे।
सदस्यता के लिए ₹50 से ₹500 लिए गए।
गुरदासपुर के दो लोगों ने ₹100 देकर रसीद ली और EMI भरना बंद कर दिया, यह सोचकर कि अब कर्ज़ माफ हो जाएगा।
रसीद में loan माफी का कोई ज़िक्र नहीं था, सिर्फ सदस्यता दर्ज थी।
एक microfinance कंपनी ने बताया कि गुरदासपुर में उसके 60 से 70% ग्राहकों ने दो महीने से किश्त नहीं भरी थी।
निष्पक्षता के लिए, The Core से बात करते हुए एक समूह के नेता ने कहा कि वे लोगों से loan न चुकाने को नहीं कहते, और जिस राजनीतिक दल का नाम इस्तेमाल हो रहा था, उसने भी यही कहा।

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EMI बंद करने का असली नुकसान
यह वो हिस्सा है जो ज़्यादातर लोगों को बाद में पता चलता है।
किसी भी अभियान ने कुछ भी कहा हो, EMI रोकने का असर यही होता है।
- loan पूरा का पूरा बाकी रहता है, ऊपर से ब्याज और late charges जुड़ते रहते हैं।
- छूटी EMI credit bureau तक जाती है और CIBIL score गिरता है।
- आगे bank या MFI से नया loan मिलना मुश्किल हो जाता है।
- lender loan agreement के हिसाब से recovery शुरू कर सकता है।
- और अभियान को दी गई फीस भी डूब जाती है।
Loan नहीं चुका पा रहे तो सही रास्ता क्या है?
अगर किश्तें सच में भारी पड़ रही हैं, तब भी आपके पास असली विकल्प हैं, और किसी के लिए भी फीस की ज़रूरत नहीं।
अपने lender से सीधे बात करें।
Branch जाकर अपनी हालत बताएं और लिखित में restructuring, लंबी अवधि या one time settlement के बारे में पूछें।
Settlement में loan कम रकम में बंद हो सकता है, पर credit report में इसे “settled” लिखा जा सकता है, “closed” नहीं।
साइन करने से पहले यह ज़रूर समझ लें।
Recovery वाले धमकाएं या गाली दें, तो पहले lender को लिखित शिकायत करें।
30 दिन में हल न मिले, तो cms.rbi.org.in पर RBI Ombudsman से शिकायत करें, और धमकी मिलने पर पुलिस के पास जाएं।
फीस दे चुके हैं तो क्या करें?
अगर आपने कर्ज़ माफी के वादे पर पैसा या दस्तावेज़ दे दिए हैं, तो ये कदम नुकसान कम करने में मदद करेंगे।
- EMI दोबारा शुरू करें या तुरंत lender से बात करें, ताकि credit report पर और असर न हो।
- रसीद, certificate और सारे मैसेज संभालकर रखें।
- ऑनलाइन पैसा दिया है तो cybercrime portal पर, नकद दिया है तो नज़दीकी थाने में शिकायत करें।
शिकायत के बाद कितना समय लगता है, यह जानना भी ज़रूरी है।
यहां पढ़ें कि cyber crime complaint kitne din mein solve hoti hai और तब तक किन बातों का ध्यान रखें।
कर्ज़ माफी के नाम पर फीस दी, और अब bank वाले फिर से फोन कर रहे हैं?
हमें बताइए कि आपने किसे कितना दिया और क्या वादा किया गया था। हम अभियान और lender, दोनों के साथ आपका अगला कदम तय करने में मदद करेंगे। मुफ्त सलाह के लिए हमसे रजिस्टर करें।
Disclaimer: यह लेख RBI की press release और एक प्रकाशित खबर की पड़ताल पर आधारित है। यह बताता है कि इन नामों से चल रहे अभियान कैसे काम करते रहे हैं, और किसी खास संगठन, राजनीतिक दल या व्यक्ति पर आरोप नहीं लगाता।
निष्कर्ष
Karz Mukt Bharat Abhiyan वो उम्मीद देता है जो हर परेशान कर्ज़दार सुनना चाहता है। पर कोई अभियान, form या फीस bank या MFI का दिया loan खत्म नहीं कर सकती।
पंजाब में लोगों ने पैसे देकर सदस्यता ली, EMI रोकी, और हाथ में रह गई सिर्फ एक रसीद और बढ़ता कर्ज़।
RBI दो बार कह चुका है कि ऐसे certificate झूठे हैं।
किश्त भारी लगे तो अभियान के पास नहीं, अपने lender के पास जाइए। और अगर किसी ने माफी के नाम पर पैसा लिया है, तो रसीद संभालिए और शिकायत कीजिए।
Report. Recover. Stay Fraud Free.
Frequently Asked Questions
यह कर्ज़ माफी का वादा करने वाले अभियानों का नाम है, जो Loan न चुका पाने वालों को Member बनने और Form भरने को कहते हैं। यह कोई सरकारी योजना नहीं है।
नहीं। अभियान से जुड़ने या Fees देने से कोई Loan माफ नहीं होता। RBI ने कहा है कि Fees लेकर दिए गए कर्ज़ माफी Certificate झूठे और भ्रामक हैं।
RBI ने 11 दिसंबर 2023 और 4 मई 2026 को चेतावनी दी कि कर्ज़ माफी Certificate के बदले Fees लेने वालों के पास कोई अधिकार नहीं है और इनसे जुड़ने पर पैसों का नुकसान हो सकता है।
Loan पूरा बाकी रहेगा, ब्याज और Late Charges जुड़ेंगे, CIBIL Score गिरेगा और Lender Recovery शुरू कर सकता है। तुरंत Lender से बात करें।
पहले Lender को लिखित शिकायत करें। 30 दिन में हल न मिले तो RBI Ombudsman से शिकायत करें और धमकी मिलने पर पुलिस में जाएं।





