Trade बिना मंजूरी के हो गया। Withdrawal request हफ्तों से pending है। Advisor का नंबर अब स्विच ऑफ आ रहा है। और दिमाग में बस एक ही लाइन घूम रही है: “मेरे साथ फ्रॉड हुआ है मैं क्या करूं?“
यह डर बेबुनियाद नहीं है। लेकिन घबराने की भी जरूरत नहीं, क्योंकि हर तरह के फाइनेंशियल फ्रॉड का एक clear रास्ता मौजूद है, चाहे कहानी guaranteed-return वाली पुरानी ट्रिक हो या कोई बिल्कुल नया तरीका।
इस ब्लॉग में मिलेगा स्कैम पहचानने का तरीका, सबसे पहला actionable कदम, और broker, RA, IA, forex app, Ponzi scheme या किसी unregistered platform से जुड़े fraud में पैसा वापस पाने का सही process।
ऑनलाइन फ्रॉड होने पर क्या करें?
चाहे मामला किसी broker का हो, advisor का हो, या किसी ऐसे platform का जिसका नाम आपने पहली बार सुना हो, शुरुआती कुछ घंटे हर केस में एक जैसे काम करते हैं।
सबसे पहले हर तरह का पैसा भेजना बंद करें, चाहे वह “withdrawal release करने के लिए और fees” मांगी जा रही हो या किसी और बहाने से। दूसरा, अपने bank को कॉल करके account या transaction पर alert लगाने की request दें।
ऑनलाइन फ्रॉड मनी रिकवरी के लिए यह पहला और सबसे क्रिटिकल कदम है।
इन दो steps के बाद असली सवाल आता है: complaint कहां file करें?
यह जवाब इस बात पर depend करता है कि सामने वाली entity SEBI-registered है या नहीं, और यही फर्क आगे हर section में detail से समझाया गया है।
लेकिन अगर category अभी confirm नहीं है, या मामला सीधा OTP, screen-sharing या credential चोरी का है, तो सबसे पहला और सबसे तेज रास्ता cybercrime की national helpline और portal ही है।
Online Cyber Crime Complaint Kaise Kare
यह process लगभग हर fraud category में काम करता है, इसलिए इसे एक बार समझ लेना फायदेमंद है।
सबसे पहले राष्ट्रीय cybercrime helpline 1930 पर कॉल करें, यह सीधा financial fraud के लिए बनी है और जल्दी report करने से funds freeze होने के chances बढ़ जाते हैं।
इसके बाद National Cyber Crime पोर्टल पर जाकर अपनी complaint register करें।
- पोर्टल पर account बनाएं या login करें।
- फ्रॉड की category चुनें, जैसे financial fraud।
- घटना का पूरा विवरण लिखें, date, amount और platform का नाम साफ-साफ दें।
- सारे सबूत attach करें, screenshot, chat, bank statement।
- complaint submit करके acknowledgment/complaint number save रखें, यही आगे tracking के लिए काम आता है।
अगर portal से reasonable समय में जवाब न मिले, तो local cyber cell या police station में जाकर इसी complaint number के साथ FIR भी दर्ज कराई जा सकती है।
यह base process समझने के बाद, अब हर category को detail में देखते हैं, क्योंकि उसी से पता चलता है कि SCORES जैसा कोई अलग रास्ता भी आपके केस पर लागू होता है या नहीं।
मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरे साथ स्कैम हो रहा है?
कुछ संकेत साफ बताते हैं कि कुछ गलत हो रहा है।
- कोई guaranteed return या fixed monthly profit का वादा करता है।
- आपका withdrawal request बिना वजह pending रहता है।
- कोई आपसे OTP, password या screen-sharing access मांगता है।
- Broker या advisor अपना SEBI registration number देने से बचता है।
- Telegram या WhatsApp group में “VIP” tips के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं।
- कोई platform सिर्फ personal account या crypto wallet में payment मांगता है।
अगर इनमें से कोई भी संकेत आपके साथ हुआ है, तो आप गलत नहीं सोच रहे हैं। अब बात करते हैं पहले कदम की।
आज मेरे साथ स्कैम हो गया। सबसे पहला कदम क्या उठाएँ?
पहला घंटा सबसे जरूरी होता है। और पैसा transfer करना तुरंत बंद करें। अपने bank को कॉल करें और transaction freeze करने की request दें। हर screenshot, chat और transaction record सुरक्षित रखें।
इसके बाद सही platform चुनना जरूरी हो जाता है, क्योंकि हर तरह के fraud का रास्ता अलग होता है।
अगर मामला किसी SEBI-registered broker या advisor से जुड़ा है, तो सही जगह SEBI SCORES और exchange का grievance system है।
अगर platform SEBI-registered नहीं है, चाहे वह ponzi scheme हो, forex app हो या कोई crypto scheme, तो वहां SCORES काम नहीं करता।
ऐसे मामलों में cybercrime की national helpline और official complaint portal ही सही रास्ते बनते हैं।
यह फर्क समझना जरूरी है, क्योंकि गलत platform पर complaint करने से सिर्फ समय बर्बाद होता है। अब हर category को अलग-अलग समझते हैं।
ब्रोकर ने मेरे साथ फ्रॉड किया
जब निवेशक “ब्रोकर ने मेरे साथ फ्रॉड किया” कहते हैं, तो इसका मतलब हमेशा पैसे लेकर भाग जाना नहीं होता।
कई बार fraud और misconduct छोटे-छोटे actions के रूप में सामने आते हैं, जिन्हें शुरुआत में लोग सामान्य operational issue समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
लेकिन अगर ब्रोकर अपनी fiduciary और regulatory responsibilities का पालन नहीं करता, तो यह आपके अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है।
Broker कई तरीकों से अपनी जिम्मेदारी से मुकर सकता है:
- बिना मंजूरी के trade execute करना।
- Excess या hidden brokerage charge करना।
- Margin call के बाद बिना time दिए position liquidate करना।
- Client के funds या securities रोक लेना।
- Representatives के through गलत return promises देना।
ये सभी harkatein SEBI के client protection norms को सीधा तोड़ती हैं। अब देखते हैं कि complaint कैसे file करें।
ब्रोकर की Complaint कैसे करें?
नीचे दिए steps को क्रम से follow करें, हर step पहले वाले को मजबूत बनाता है।
- सबूत इकट्ठा करें: अपने trade logs, contract notes और account statements download करें। हर screenshot और message भी साथ रखें
- Broker के compliance desk को लिखें: अपनी complaint written format में भेजें और सभी proof attach करें।
- SEBI me complaint kare: Broker से satisfactory जवाब न मिलने पर अपना case SCORES पर register करें।
- Exchange की IGRC तक escalate करें: SCORES से भी हल न निकलने पर NSE या BSE की grievance committee तक case ले जाएं।
- SMART ODR और arbitration तक जाएं: Conciliation से हल न होने पर arbitration का रास्ता खुलता है, जहां binding award मिलता है।
यह process काम करता है, इसलिए एक real case देखते हैं।
क्या ब्रोकर से पैसा वापस मिल सकता है?
Recovery broker की violation और evidence की strength पर depend करता है। Unauthorized trading या excess brokerage proven हो जाए, तो arbitration में पूरी recovery भी मुमकिन है।
एक client ने broker (IIFL Securities) के पास ₹15.20 लाख deposit किए, और सिर्फ 66 seconds में उसके account में 795 unauthorized trades हो गईं, साथ ही ₹9.13 लाख brokerage भी कट गया।
हमारी टीम ने call recordings, WhatsApp chats और trade logs को evidence बनाकर NSE arbitration तक case पहुंचाया।
Tribunal ने पूरे ₹14,37,200 नुकसान की भरपाई का आदेश दिया, यानी client को 100% recovery मिली।

Broker के बाद, अब RA और IA से जुड़े fraud को समझते हैं।
Research Analyst या Investment Adviser ने Fraud किया तो क्या करें?
RA और IA के पास SEBI की registration होती है, इसलिए शुरुआत में भरोसा भी ज्यादा बनता है। यही भरोसा कई बार सवाल पूछने से रोक देता है, क्योंकि client मान लेता है कि registered है तो advice भी पूरी तरह safe होगी।
लेकिन registration सिर्फ entity को verify करता है, हर action को सही नहीं ठहराता। RA और IA registered होने के बावजूद अपनी सीमाएँ पार कर सकते हैं, और यह overstep ज्यादातर इन तरीकों से होता है:
- Guaranteed return या assured profit का वादा करना।
- Profit को hidden fees के नाम पर काट लेना।
- Proper risk disclosure के बिना personalised trade instructions देना।
- बार-बार package upgrade के लिए pressure बनाना।
- Expired या fake SEBI registration number दिखाना।
ये सभी SEBI के advisory regulations का उल्लंघन करते हैं। अब देखते हैं reporting कैसे करें।
RA या IA की Complaint कैसे करें?
यह step उसी क्रम में follow करें, हर एक अगले को मजबूत आधार देता है।
- Registration verify करें: SEBI की website पर intermediary search में RA या IA का registration number check करें।
- सारी proof इकट्ठी करें: Payment receipts, WhatsApp chats और call recordings एक साथ रखें।
- SCORES पर complaint file करें: अगर entity genuinely registered है, तो अपना case SCORES पर submit करें।
- SMART ODR और arbitration तक जाएं: अगर SCORES से समाधान न मिले, तो SMART ODR पर conciliation शुरू करें, और जरूरत पड़ने पर case arbitration तक ले जाएं।
क्या SEBI Advisor से पैसा वापस मिलेगा?
Recovery यहां भी documentation और escalation की speed पर depend करता है। Strong evidence के साथ SCORES पर complaint करने से partial या full recovery दोनों मुमकिन हैं।
एक client ने guaranteed return के वादों पर भरोसा करके Aurostar Investment Advisors को करीब ₹2.95 लाख fees में दिए, और बाद में profits को भी fees के नाम पर काट लिया गया।
हमारी टीम ने पूरा payment trail और WhatsApp records जोड़कर SEBI SCORES पर detailed complaint file की।
Client को ₹4.22 लाख के claim में से पहली installment के तौर पर ₹3,00,000 वापस मिले, और बाकी amount की प्रक्रिया अभी जारी है।

RA और IA के बाद, अब forex trading से जुड़े fraud को समझते हैं, जहां rules थोड़े अलग हैं।
मेरे साथ Forex Trading Scam हुआ है
Forex trading का legal दायरा बहुत सीमित है। FEMA के नियमों के मुताबिक, सिर्फ चार INR pairs, जैसे USD/INR और EUR/INR, SEBI-registered brokers के through legally trade किए जा सकते हैं।
बाकी international pairs offshore platforms पर trade करना FEMA का violation बनता है।
RBI समय-समय पर ऐसे unauthorized platforms की एक Alert List भी publish करता है।
ऐसे किसी platform पर आपने जो पैसा deposit किया हो, वह SEBI SCORES के दायरे में नहीं आता, क्योंकि entity SEBI-registered ही नहीं होती।
Crypto trading bots और high-return crypto schemes भी इसी पैटर्न में आते हैं। ये भी SEBI या RBI के under regulated नहीं होते, इसलिए इनका रास्ता भी cybercrime route ही बनता है।
Forex या Crypto Scam की Complaint कैसे करें?
ये steps तुरंत और क्रम से follow करें, यहां हर मिनट कीमती है।
- Platform तुरंत बंद करें: और पैसा transfer करना रोकें और अपना account secure करें।
- Bank को inform करें: अपने bank को कॉल करके transaction freeze करने की request दें।
- Cybercrime helpline पर report करें: राष्ट्रीय cybercrime helpline पर तुरंत कॉल करें, यह सीधा financial fraud के लिए बनी है।
- Cybercrime की official portal पर complaint करें: Detailed complaint file करें और सारी proof attach करें।
- जरूरत पड़ने पर FIR file करें: Local cyber cell में जाकर अपना case register करें।
अब देखते हैं कि forex scam में recovery कैसी होती है।
क्या Forex Trading में खोया पैसा वापस मिल सकता है?
Forex scam में recovery अक्सर negotiation या legal pressure के through होती है, क्योंकि platform SEBI-registered नहीं होता।
जल्दी report करने से funds freeze होने के chances बढ़ जाते हैं।
एक client ने एक unauthorized forex trading app में ₹10.50 लाख invest किए, जहां 15-17% guaranteed annual return का वादा किया गया था और profit झूठा दिखाया गया।
हमारी टीम ने client के साथ मिलकर पूरी proof इकट्ठी की और कानूनी दबाव के साथ complaint तैयार की।
लगातार बातचीत के बाद scammer ने करीब ₹8.10 लाख यानी 77% नुकसान वापस किया।
Forex के बाद, अब उन platforms को समझते हैं जो SEBI के साथ registered ही नहीं होते।
Unregistered Trading Platform ने Scam किया तो क्या करें?
बहुत से fraud platforms SEBI या RBI के साथ registered ही नहीं होते। Fake stock tip apps, unregistered Telegram advisory groups और Ponzi-जैसी schemes इसी category में आती हैं।
इनकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि ये अपना registration number कभी नहीं देते, या दिया गया number SEBI की website पर match ही नहीं करता।
ऐसे platforms के against SCORES पर complaint accept नहीं होती, क्योंकि SEBI का jurisdiction सिर्फ अपने registered intermediaries तक ही सीमित है।
Unregistered Platform की Complaint कैसे करें?
इन steps को क्रम से follow करें, भले ही platform unregistered हो, सही documentation फिर भी फर्क डालता है।
- Registration verify करें: SEBI की website पर entity का नाम और registration number check करें।
- SEBI को email करें: Entity unregistered निकलने पर SEBI को written format में email करके इस activity की सूचना दें।
- Cybercrime portal पर complaint करें: अपना financial fraud राष्ट्रीय cybercrime helpline और उनके official portal पर register करें।
क्या Unregistered Entity से पैसा वापस मिल सकता है?
Recovery यहां भी मुमकिन है, लेकिन यह ज्यादातर negotiation या police pressure के through ही होती है। SEBI का SCORES यहां सीधा काम नहीं करता।
एक client ने YouTube पर एक trader को देखकर unregistered Premium Telegram Group join किया और tips के भरोसे करीब ₹1.80 लाख capital लगाया, लेकिन पूरा पैसा डूब गया।

हमारी टीम ने unregistered advisory के against सही platform पर complaint file करने में मदद की।
दबाव बढ़ने पर scammer ने negotiation में ₹1,64,137 वापस किए, यानी करीब 91% recovery हुई।
मेरे साथ Ponzi Scam हुआ है
Ponzi scheme असल में किसी real business या asset पर नहीं चलती, यह सिर्फ नए investors के पैसे से पुराने investors को return देती है।
जब तक नए लोग जुड़ते रहते हैं, scheme चलती दिखती है, और जैसे ही नए investors रुकते हैं, पूरा structure ढह जाता है।
कुछ patterns लगभग हर Ponzi scheme में दिखते हैं:
- हर हफ्ते या महीने fixed return का वादा, जो किसी real asset class में possible ही नहीं होता।
- नए investor लाने पर referral commission या bonus दिया जाना।
- शुरुआत में छोटे withdrawals smoothly process करके भरोसा बनाना।
- कोई registered entity, audited financials या verifiable business model का न होना।
- अचानक app बंद हो जाना या founders का गायब हो जाना।
यह पहचान लेने के बाद अगला सवाल आता है कि complaint किस रास्ते जाए।
Ponzi Scam की Complaint कैसे करें?
इन steps को क्रम से follow करें, जितनी जल्दी action लेंगे, evidence और asset trace होने के chances उतने बेहतर रहते हैं।
- और पैसा डालना तुरंत बंद करें: चाहे “withdrawal unlock करने के लिए” या किसी और बहाने से payment मांगी जा रही हो, उसे रोकें।
- सबूत इकट्ठा करें: Payment receipts, referral chain के screenshots, app या website के records और admin/founder से हुई chat सुरक्षित रखें।
- Bank को inform करें: अपने bank को कॉल करके transaction freeze करने की request दें।
- Cybercrime helpline और portal पर complaint करें: राष्ट्रीय cybercrime helpline 1930 पर कॉल करें और National Cyber Crime Portal पर detailed complaint file करके सारी proof attach करें।
- Local cyber cell में FIR दर्ज कराएं: अपने नजदीकी Cyber Crime Police Station या Local Police Station में FIR दर्ज कराकर सभी उपलब्ध सबूत जमा करें।
क्या Ponzi Scheme से पैसा वापस मिल सकता है?
Recovery यहां broker या advisor वाले cases से ज्यादा मुश्किल होती है, क्योंकि scheme के पीछे कोई real asset या sustainable business होता ही नहीं।
फिर भी, अगर complaint जल्दी दर्ज हो जाए और authorities समय रहते bank accounts, digital wallets या organizers की properties trace और attach कर लें, तो कुछ मामलों में investors को partial recovery मिल सकती है।
इसलिए Ponzi scams में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जितनी जल्दी fraud report किया जाए, fund recovery की संभावना उतनी ही बेहतर रहती है।
हमारी सहायता लें
मेरे साथ स्कैम हुआ है, लेकिन शिकायत किस category में करनी है, यह समझ नहीं आ रहा है?
घबराइए नहीं।
आप अपनी details हमारे साथ साझा करें। हमारी टीम आपका case assess करती है, सबूत organize करती है, और सही platform पर complaint draft करके file करती है।
जरूरत पड़ने पर SCORES, SMART ODR या arbitration तक पूरी प्रक्रिया में साथ रहती है।
अभी हमारे साथ रजिस्टर करें और अपने मामले के लिए सही शिकायत प्रक्रिया की शुरुआत करें।
निष्कर्ष
“मेरे साथ फ्रॉड हुआ है” सोचकर घबराने की जरूरत नहीं है।
हर category का अपना clear रास्ता है, चाहे वह broker हो, RA या IA हो, forex app हो या कोई unregistered platform।
सबसे जरूरी बात है सही platform की पहचान करना और जल्दी evidence के साथ action लेना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या हर fraud की complaint SEBI SCORES पर होती है?
नहीं, SCORES सिर्फ SEBI-registered brokers, RAs और IAs के लिए है। Unregistered platforms की complaint cybercrime route पर जाती है।
2. कैसे पता करूं कि advisor असली SEBI-registered है?
SEBI की website पर intermediary search section में उसका registration number verify करें।
3. Unregistered platform की complaint SEBI को कैसे बताएं?
SEBI को email करके entity की पूरी जानकारी और सबूत भेजे जा सकते हैं, ताकि SEBI उस पर enforcement action ले सके।






