Quick Summary
सेबी में शिकायत का सीधा रास्ता SCORES 2.0 पोर्टल या उसका मोबाइल ऐप है। PAN से रजिस्टर करके आपको कंपनी का नाम, शिकायत की श्रेणी और PDF सबूत देने होते हैं। शिकायत अपने आप कंपनी तक पहुंचती है और कंपनी को 21 दिन में एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा करनी होती है। जवाब न जंचे तो 15 दिन के भीतर पहला रिव्यू मांग सकते हैं, और उसके बाद दूसरा रिव्यू सेबी करता है। पोर्टल न चले तो हेल्पलाइन 1800 22 7575 और डाक खुली है। दायरे से बाहर मामलों के लिए अलग दरवाज़ा है।
SEBI me complaint kaise kare, यह सवाल अक्सर तब उठता है जब कंपनी आपका फोन उठाना बंद कर चुकी हो।
सेबी के जून 2025 के सार्वजनिक नोटिस के मुताबिक उस एक महीने में 4,959 नई शिकायतें दर्ज हुईं और 4,415 निपटाई गईं।
यानी हर महीने हज़ारों निवेशक यही रास्ता पकड़ते हैं।
फर्क इस बात से पड़ता है कि शिकायत किस श्रेणी में, किन कागज़ों के साथ और कंपनी से बात करने के बाद डाली गई।
यह पेज दो तरह के पाठकों के लिए है।
एक वे जो पहली बार शिकायत डालने जा रहे हैं, और दूसरे वे जिनकी शिकायत पर कंपनी का जवाब आ चुका है पर पैसा अब भी अटका है।
सेबी से शिकायत कैसे करें, SCORES पर ऑनलाइन शिकायत के स्टेप
सेबी में शिकायत का एक तय क्रम है।
पहले उसी कंपनी को लिखित शिकायत भेजें, फिर बात न बने तो SCORES पर जाएं, और वहां भी संतोष न मिले तो SMART ODR का रास्ता खुलता है।
यह क्रम सेबी के 28 दिसंबर 2023 के मास्टर सर्कुलर में दिया गया है।
अगर आप SEBI me kaise complaint kare online या SEBI me online shikayat kaise kare खोजकर आए हैं, तो नीचे के छह स्टेप आपके लिए हैं।
ये स्टेप 1 अप्रैल 2024 से चल रहे SCORES 2.0 के हैं, क्योंकि पुराने सिस्टम में नई शिकायतें लेना बंद हो चुका है।
अगर दिक्कत आपके ब्रोकर से है, तो पहली लिखित शिकायत किसे और किस पते पर भेजें, इसका जवाब ब्रोकर की शिकायत कहां करें वाले पेज पर मिलता है।
- कंपनी को लिखित शिकायत भेजें। ईमेल या उनके पोर्टल से भेजें और टिकट नंबर या जवाब की कॉपी संभालकर रखें, क्योंकि आगे यही आपका पहला सबूत बनेगा।
- SCORES खोलें। ब्राउज़र में scores.sebi.gov.in लिखें या SEBI SCORES मोबाइल ऐप इस्तेमाल करें।
- PAN से रजिस्टर करें। PAN, मोबाइल नंबर और ईमेल डालकर OTP से वेरिफिकेशन करें, और KYC की जानकारी कई बार अपने आप भर जाती है।
- शिकायत दर्ज करने का विकल्प चुनें। कंपनी का टाइप (जैसे स्टॉक ब्रोकर, म्यूचुअल फंड या रिसर्च एनालिस्ट), उसका सही नाम और शिकायत की श्रेणी चुनें।
- शिकायत की जानकारी लिखें। तारीखें, रकम और लेनदेन के संदर्भ सीधे तथ्य की तरह लिखें, और सबूत PDF में जोड़ें।
- जमा करें और नंबर सुरक्षित रखें। सबमिट करते ही शिकायत संख्या मिलती है, और पावती आपके ईमेल पर भी आती है।
जमा करने से पहले एक सवाल बचता है कि क्या आपका मामला सेबी के दायरे में आता भी है। उसका जवाब अगले हिस्से में है।
किन मामलों में सेबी से शिकायत कर सकते हैं और किनमें नहीं?
हर निवेश की परेशानी सेबी के पास नहीं जाती।
सेबी शेयर बाजार की लिस्टेड कंपनियों और रजिस्टर्ड कंपनियों पर नज़र रखता है, इसलिए पहले देखिए कि आपका मामला किस तरफ गिरता है।
नीचे पहले वे मामले हैं जो SCORES पर बनते हैं, और उसके बाद वे जिनमें सेबी शिकायत नहीं लेता।
इन मामलों में सेबी में शिकायत बनती है
ये चार मामले सबसे आम हैं।
अपनी स्थिति इनसे मिलाइए, और याद रखिए कि कंपनी का सेबी में रजिस्टर्ड या लिस्टेड होना शर्त है।
- गलत सलाह या झूठा वादा: रजिस्टर्ड ब्रोकर, रिसर्च एनालिस्ट या इन्वेस्टमेंट एडवाइजर ने गलत जानकारी देकर निवेश कराया और आपको नुकसान हुआ।
- अनऑथराइज्ड ट्रेडिंग: आपकी मंजूरी के बिना ब्रोकर ने आपके खाते में सौदे किए।
- म्यूचुअल फंड और शेयर की गड़बड़ी: रिडेम्पशन में देरी हुई, यूनिट गलत अलॉट हुईं या शेयर ट्रांसफर में गलती हुई।
- पैसे लौटाने में टालमटोल: रजिस्टर्ड कंपनी रिफंड रोककर बैठी है या महीनों से सिर्फ नई तारीख दे रही है।
इन चारों मामलों में एक बात साझा है कि आपके पास लेनदेन का कागज़ी निशान मौजूद है।
अब उन मामलों पर आते हैं जहां सेबी का दरवाज़ा नहीं खुलता।
इन मामलों में सेबी शिकायत स्वीकार नहीं करता
कुछ शिकायतें पोर्टल पर डालते ही बेकार चली जाती हैं, क्योंकि वे सेबी के दायरे से बाहर हैं।
नीचे ऐसे आम मामले हैं, और हर एक के साथ बताया है कि आपको किधर जाना चाहिए।
- निजी लेनदेन: दो लोगों के बीच का पैसों का झगड़ा सेबी का विषय नहीं है।
- बैंकिंग सेवाएं: बैंक खाते या लोन की समस्या के लिए RBI का रास्ता है।
- बीमा विवाद: पॉलिसी या क्लेम का झगड़ा IRDAI के पास जाता है।
- अदालत में लंबित मामला: जो मामला पहले से कोर्ट में चल रहा है, उसमें सेबी दखल नहीं देता।
- बिना सबूत के आरोप: सेबी के FAQ में सहायक दस्तावेज़ के बिना लगाए आरोप और फर्जी कागज़ों वाले मामले अलग रखे गए हैं।
- बहुत पुरानी घटना: समयसीमा बीत जाने पर सेबी शिकायत रिजेक्ट कर सकता है।
जिस कंपनी के पास सेबी का रजिस्ट्रेशन ही नहीं है, उसका मामला अलग से सोचना पड़ता है।
SEBI के अपने FAQ में बिना रजिस्ट्रेशन की गतिविधि की शिकायतों को SCORES की आम निवेशक शिकायतों में नहीं गिना गया है, इसलिए पहले रजिस्ट्रेशन जांच लें।
अगर ऐसी किसी ठगी में आपका पैसा फंसा है, तो घबराएं नहीं और शुरुआत के लिए मेरे साथ फ्रॉड हुआ है मैं क्या करूं में बताए कदम देखें।
सेबी में किसकी शिकायत कैसे करें, ब्रोकर, एडवाइजर और एनालिस्ट के लिए अलग रास्ता
SCORES का फॉर्म एक ही है, पर कंपनी का टाइप चुनते ही शिकायत अलग रास्ते पर निकल जाती है।
इसलिए पहले तय कीजिए कि आपका विवाद किस तरह की कंपनी से है।
नीचे हर कंपनी के लिए अलग हिस्सा है, ताकि आप सीधे अपना मामला पढ़ सकें।
सेबी में ब्रोकर की शिकायत कैसे करें?
फॉर्म में कंपनी का टाइप स्टॉक ब्रोकर चुनें और ब्रोकर का नाम वैसा ही लिखें जैसा आपके कॉन्ट्रैक्ट नोट पर है।
अनऑथराइज्ड ट्रेड, पैसे या शेयर लौटाने में देरी और गलत स्क्वेयर ऑफ इसी श्रेणी में आते हैं।
कॉन्ट्रैक्ट नोट, लेजर और ट्रेड की तारीखें साथ रखिए। ब्रोकर के मामले में आगे एक्सचेंज का रास्ता भी खुला रहता है।
सेबी में एडवाइजर की शिकायत कैसे करें?
इन्वेस्टमेंट एडवाइजर का रजिस्ट्रेशन नंबर INA से शुरू होता है, इसलिए शिकायत डालने से पहले यह नंबर सेबी की वेबसाइट पर मिलाइए।
फॉर्म में कंपनी का टाइप इन्वेस्टमेंट एडवाइजर चुनें।
सलाह लिखित में मिली थी या नहीं, फीस कितनी दी और कौन सा वादा किया गया, ये तीन बातें शिकायत की रीढ़ बनती हैं।
सेबी में रिसर्च एनालिस्ट की शिकायत कैसे करें?
रिसर्च एनालिस्ट का नंबर INH से शुरू होता है।
रिसर्च एनालिस्ट के मामले में पहला रिव्यू RAASB करता है, जो पहले बताई गई डेज़िग्नेटेड बॉडी है।
एक नियम याद रखिए कि रिसर्च एनालिस्ट प्रति क्लाइंट परिवार साल में ₹1,51,000 से ज़्यादा फीस नहीं ले सकता।
इससे ज़्यादा फीस ली गई हो तो उसकी रसीद शिकायत में जोड़िए।
सेबी में पोर्टफोलियो मैनेजर की शिकायत कैसे करें?
पोर्टफोलियो मैनेजर के मामले में कंपनी का टाइप पोर्टफोलियो मैनेजर चुनें।
यहां पहला रिव्यू APMI करती है।
मैनेजमेंट फीस, पोर्टफोलियो स्टेटमेंट और मैनेजर से हुआ पत्राचार सबूत के तौर पर लगाइए।
सेबी में म्यूचुअल फंड और बिना रजिस्ट्रेशन वाली कंपनी की शिकायत कैसे करें?
म्यूचुअल फंड में रिडेम्पशन की देरी या गलत यूनिट अलॉटमेंट जैसी गड़बड़ी हो तो फॉर्म में म्यूचुअल फंड चुनकर फोलियो नंबर लिखिए।
बिना रजिस्ट्रेशन वाली कंपनी की शिकायत SCORES की आम श्रेणी में नहीं आती, इसलिए पहले उसका रजिस्ट्रेशन सेबी की सूची में जांचिए।
सिर्फ तथ्य और अपने पेमेंट के सबूत लिखिए, किसी पर आरोप नहीं।
सेबी में शिकायत दर्ज करने के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
शिकायत की ताकत आपके कागज़ों से बनती है, शब्दों से नहीं।
नीचे चार तरह के दस्तावेज़ हैं: पहचान, निवेश का रिकॉर्ड, बैंक की जानकारी और कंपनी से हुई पुरानी बातचीत।
कोशिश कीजिए कि आपकी शिकायत में चारों हिस्से दिखें।
- पहचान: आधार, PAN या कोई वैध पहचान पत्र, ताकि आपकी पहचान जांची जा सके।
- निवेश के कागज़: कॉन्ट्रैक्ट नोट, डीमैट खाते का स्टेटमेंट, म्यूचुअल फंड स्टेटमेंट और पेमेंट की रसीद।
- बैंक की जानकारी: रिफंड या भुगतान की संभावना हो तो बैंक खाते का विवरण, ताकि पैसा सही खाते में पहुंचे।
- पुरानी बातचीत: कंपनी से हुए ईमेल, नोटिस, चैट या कॉल रिकॉर्ड, जो दिखाएं कि आपने पहले भी हल निकालने की कोशिश की।
सबूत PDF फाइल में ही जुड़ते हैं।
Word और Excel फाइल इसलिए नहीं चलतीं कि उन्हें एडिट किया जा सकता है, और हर फाइल की साइज सीमा होती है, इसलिए भारी स्क्रीनशॉट को एक PDF में जोड़कर छोटा कर लें।
फॉर्म में कंपनी का रजिस्ट्रेशन नंबर भी मिलाना पड़ता है।
सेबी ने 11 अप्रैल 2025 के सर्कुलर में खुद चेताया था कि ठग रजिस्टर्ड कंपनियों के नाम और नंबर की नकल करते हैं, और ऐसे मामले कैसे पकड़ें, यह सेबी रजिस्ट्रेशन नंबर का दुरुपयोग में खोलकर समझाया है।
सेबी में शिकायत के बाद क्या होता है?
शिकायत जमा होते ही तीन चरण चलते हैं: कंपनी का जवाब, पहला रिव्यू और दूसरा रिव्यू। हर चरण की अपनी घड़ी है, इसलिए आपको पता होना चाहिए कि अभी आप कहां खड़े हैं और अगला कदम कब तक उठाना है।
नीचे चारों हिस्से उसी क्रम में हैं जिसमें आपकी शिकायत आगे बढ़ती है।

कंपनी को जवाब देने के लिए कितना समय मिलता है?
SCORES 2.0 में शिकायत अपने आप उस कंपनी तक पहुंच जाती है।
कंपनी को 21 कैलेंडर दिन में एक्शन टेकन रिपोर्ट यानी ATR जमा करनी होती है।
सेबी के जून 2025 के नोटिस के मुताबिक कंपनियों ने औसतन 8 दिन में ATR जमा की।
अगर कंपनी या रिव्यू करने वाली कंपनी तय समय चूकती है, तो शिकायत अपने आप अगले स्तर पर चली जाती है।
जवाब पसंद न आए तो पहला रिव्यू कैसे मांगें?
कंपनी का जवाब कई बार सवाल को छुए बिना निकल जाता है।
ऐसे में ATR मिलने के 15 दिन के भीतर आप पहला रिव्यू मांग सकते हैं, और यह रिव्यू डेज़िग्नेटेड बॉडी करती है।
यह बॉडी मामले के हिसाब से बदलती है, जैसे रिसर्च एनालिस्ट के मामले में RAASB और पोर्टफोलियो मैनेजर के मामले में APMI।
रिव्यू की अर्जी में यह साफ लिखिए कि जवाब में कौन सी बात अधूरी रही, और अगर मामला सलाहकार का है तो इन्वेस्टमेंट एडवाइजर के नियम पढ़कर सही नियम का हवाला दे सकते हैं।
दूसरा रिव्यू सेबी खुद कब करता है?
पहले रिव्यू के बाद भी असंतोष रहे तो अपडेटेड जवाब मिलने के 15 दिन के भीतर दूसरा रिव्यू मांग सकते हैं।
इस बार मामला सेबी के पास जाता है।
सेबी संबंधित कंपनी या डेज़िग्नेटेड बॉडी से तुरंत एक्शन और जवाब मांगता है, और दूसरा रिव्यू तभी बंद माना जाता है जब सेबी अपनी एक्शन पूरी कर लेता है।
सेबी के पास रजिस्टर्ड कंपनी पर जुर्माने या रजिस्ट्रेशन रद्द करने जैसी एक्शन का अधिकार है, पर शिकायत अपने आप रिफंड का आदेश नहीं बन जाती।
SEBI Me Shikayat Ka Email ID Aur Number Kya Hai?
सेबी का शिकायत ईमेल आईडी और शिकायत नंबर लोग सबसे ज़्यादा खोजते हैं, पर इन दोनों के जवाब थोड़े अलग हैं।
नीचे पहले ईमेल की बात है, फिर नंबर की।
क्या ईमेल से सेबी में शिकायत हो सकती है?
सेबी में ऑनलाइन शिकायत का रास्ता SCORES वेबसाइट और उसका मोबाइल ऐप है, जो Android और iOS दोनों पर मिलता है।
और सेबी के अपने FAQ में शिकायत भेजने के लिए कोई ईमेल आईडी नहीं दिया गया है।
सेबी के संपर्क पेज पर क्षेत्रीय दफ्तरों के ईमेल मिलते हैं।
पर वही पेज साफ लिखता है कि उसकी संपर्क और फीडबैक सुविधा शिकायत के अलावा बाकी बातों के लिए है।
इसलिए ईमेल भेजकर यह मत मान लीजिए कि आपकी शिकायत दर्ज हो गई।
शिकायत तभी गिनी जाती है जब SCORES पर उसका रजिस्ट्रेशन नंबर बन जाए।
कोई ईमेल या मैसेज खुद को सेबी का बताकर शिकायत के बदले पैसे मांगे तो रुकिए। सेबी का अपना पोर्टल ही शिकायत लेने की जगह है।
सेबी का शिकायत नंबर क्या होता है?
“शिकायत नंबर” के दो मतलब हैं।
पहला वह रजिस्ट्रेशन नंबर, जो शिकायत जमा होते ही SCORES देता है, और उसी से आप स्थिति देखते और रिव्यू मांगते हैं।
दूसरा वह टोल फ्री नंबर है जिस पर आप जानकारी ले सकते हैं।
ऊपर बताई गई हेल्पलाइन से आप शिकायत डालने और स्टेटस के बारे में पूछ सकते हैं, और वह रोज़ सुबह 9 से शाम 6 बजे तक चलती है।
रजिस्ट्रेशन नंबर को कंपनी के टिकट नंबर के साथ एक ही जगह लिखकर रखिए। रिव्यू और ODR में दोनों काम आते हैं।
शिकायत की स्थिति कैसे ट्रैक करें?
SCORES पर अपने PAN वाले लॉगिन से शिकायत की स्थिति दिखती है, और मोबाइल ऐप से भी यही जानकारी मिलती है।
शिकायत संख्या आपके लिए ट्रैकिंग टूल का काम करती है, इसलिए उसे और कंपनी का टिकट नंबर एक ही जगह लिखकर रखें।
सेबी में ऑनलाइन शिकायत न हो पाए तो हेल्पलाइन और डाक से शिकायत कैसे करें?
कई निवेशक पोर्टल पर अटक जाते हैं, कभी OTP नहीं आता तो कभी फॉर्म आगे नहीं बढ़ता।
ऐसे में SEBI me shikayat kaise kare का जवाब ऑनलाइन तक सीमित नहीं है, और दो और रास्ते खुले हैं।
एक रास्ता फोन का है और दूसरा डाक का। जिन्हें कागज़ पर लिखकर भेजना सहज लगता है, वे दूसरा चुन सकते हैं।
- टोल फ्री हेल्पलाइन: 1800 22 7575 या 1800 266 7575 पर कॉल करके सेबी से मदद और जानकारी ले सकते हैं।
- डाक से शिकायत: औपचारिक पत्र लिखें, सभी ज़रूरी दस्तावेज़ों की कॉपी लगाएं और पता लिखें: Office of Investor Assistance and Education, SEBI Bhavan, प्लॉट नंबर C4A, G ब्लॉक, बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स, बांद्रा ईस्ट, मुंबई 400051।
डाक भेजते समय मूल कागज़ात कभी न भेजें, सिर्फ कॉपी भेजें और भेजने की रसीद अपने पास रखें।
सेबी के जवाब से संतुष्ट न हों तो SMART ODR और एक्सचेंज में शिकायत कैसे करें?
SCORES के दोनों रिव्यू खत्म होने के बाद भी बात न बने तो आपके पास आगे दो रास्ते बचते हैं।
एक SMART ODR पर ऑनलाइन सुलह और आर्बिट्रेशन है, और दूसरा ब्रोकर के मामले में एक्सचेंज की शिकायत व्यवस्था।
आपका मामला किस तरफ जाएगा, यह इस पर टिका है कि विवाद किस कंपनी से है।
SMART ODR में पहले 21 कैलेंडर दिन का प्री कंसिलिएशन समय चलता है, और उसके बाद ऑनलाइन सुलह की प्रक्रिया शुरू होती है।
अगर आपका ब्रोकर BSE का सदस्य है, तो एक्सचेंज के निवेशक शिकायत ढांचे की बारीकियां बीएसई में शिकायत कैसे करें में मिल जाती हैं।
एक नियम यहां सबसे ज़्यादा चूक करवाता है।
अगर आपने SCORES पर शिकायत लंबित रहते हुए SMART ODR पर वही विवाद डाल दिया, तो SCORES की वही शिकायत बंद मानी जाती है, और बाद में उसे SCORES पर दोबारा नहीं डाल सकते।
डर लग रहा है कि गलत क्रम में कदम उठाने से आपका केस कमज़ोर पड़ जाएगा?
हम आपका SCORES रिकॉर्ड, कंपनी का जवाब और सबूत जांचते हैं, फिर तय करते हैं कि रिव्यू, SMART ODR या आर्बिट्रेशन में से कौन सा कदम पहले उठाना है। हमारे साथ रजिस्टर करें।
ब्रोकर NSE का सदस्य हो, तो वही रास्ता दूसरे नाम से चलता है।
उसकी पूरी प्रक्रिया पढ़ने के लिए एनएसई में शिकायत कैसे करें पर जाइए।
सेबी में शिकायत की नौबत से पहले निवेशक क्या जांचें?
शिकायत लिखना आख़िरी रास्ता होना चाहिए, पहला नहीं।
नीचे चार आदतें हैं जो ज़्यादातर परेशानियां शुरू होने से पहले ही पकड़ लेती हैं।
- सिर्फ रजिस्टर्ड कंपनी से सौदा करें। ब्रोकर या सलाहकार की वैधता सेबी की वेबसाइट पर जांचें, और बिना रजिस्ट्रेशन वाले प्लेटफॉर्म से दूर रहें।
- हर लेनदेन का रिकॉर्ड रखें। रसीद और ईमेल की कॉपी सेव करें, क्योंकि भविष्य की शिकायत इन्हीं पर टिकती है।
- संदिग्ध वादों से बचें। “पैसा दोगुना” जैसी स्कीम या बहुत ज़्यादा रिटर्न के वादे पर रुककर रिसर्च करें, और ज़रूरत हो तो जानकार से पूछें।
- दिक्कत दिखते ही कदम उठाएं। देर होने पर समयसीमा भी बीत सकती है, और सबूत भी धुंधले पड़ जाते हैं।
कॉल और मैसेज पर भरोसा करने से पहले एक छोटी बात याद रखिए।
सेबी के 11 अप्रैल 2025 के सर्कुलर के मुताबिक रजिस्टर्ड कंपनियों के लिए 1600 सीरीज़ के नंबर तय हैं, इसलिए आम मोबाइल नंबर से आई सलाह पर पहले शक कीजिए।
अगर पैसा किसी ठगी में फंस चुका है, तो ऑनलाइन फ्रॉड मनी रिकवरी में देखिए कि पैसा वापस पाने के लिए कौन से रास्ते खुले होते हैं।
निष्कर्ष
सेबी में शिकायत का नतीजा आपकी तैयारी पर टिकता है, इसलिए पोर्टल खोलने से पहले एक फोल्डर बनाइए।
उसमें पेमेंट की रसीदें, चैट के स्क्रीनशॉट, कंपनी को भेजी गई शिकायत और उसका जवाब रखिए।
कंपनी को लिखित शिकायत भेजना पहला काम है, और उसी के टिकट नंबर के साथ SCORES पर जाना दूसरा।
हर चरण की तारीख लिखकर रखिए, क्योंकि रिव्यू की खिड़की समय पर बंद हो जाती है और उसे दोबारा खोला नहीं जाता।
जवाब नाकाफी रहे तो रुककर बैठिए मत, अगला कदम तय कीजिए।
आपके पास पूरा क्रम है और हर कदम का नियम तय है, बस उसे सही जगह और सही सबूत के साथ उठाना है।
Report. Recover. Stay Fraud Free.
Frequently Asked Questions
नहीं। SCORES पर रजिस्ट्रेशन और शिकायत डालना दोनों फ्री हैं, बस PAN, मोबाइल नंबर और ईमेल चाहिए। अगर कोई सेबी के नाम पर शिकायत डालने के पैसे मांगे, तो रुकिए और पहले उसका सेबी रजिस्ट्रेशन चेक कीजिए।
हां, सेबी का SCORES मोबाइल ऐप है, जिससे आप शिकायत डाल सकते हैं और स्टेटस देख सकते हैं। लॉगिन उसी PAN वाली डिटेल से होता है जो आपने वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन में दी थी।
नहीं, SCORES रजिस्ट्रेशन के लिए PAN चाहिए। अगर PAN से जुड़ा नाम या मोबाइल नंबर पुराना है, तो पहले KYC डिटेल अपडेट करवा लीजिए, वरना OTP और वेरिफिकेशन में दिक्कत आ सकती है।
SCORES में शिकायत घटना के तीन साल के अंदर डालनी होती है। इससे पुराने मामले में आप सीधे कंपनी को लिख सकते हैं या कोर्ट का रास्ता ले सकते हैं, और दोनों के लिए अपने सबूत संभालकर रखिए।
सेबी शिकायत को कंपनी के पास भेजता है और उसके जवाब पर नजर रखता है, पर SCORES खुद रिफंड का ऑर्डर नहीं है। पैसा वापस मिलना कंपनी के जवाब, आपके सबूत और आगे के रास्ते, जैसे SMART ODR, पर निर्भर करता है।
तुरंत ब्रोकर को ईमेल से लिखित शिकायत भेजिए और ट्रेड की तारीख, कॉन्ट्रैक्ट नोट व अपना ऑब्जेक्शन साफ लिखिए। जवाब न आए या संतोषजनक न हो, तब वही टिकट नंबर लेकर SCORES पर शिकायत डालिए।






