Sam Pro App Real or Fake? SAMCO के नाम पर Fraud का पूरा सच!
October 7, 2026
Quick Summary
Sam Pro App एक ट्रेडिंग ऐप है, जिसे WhatsApp ग्रुप के एडमिन ने एक निवेशक से Play Store पर ढूंढकर इंस्टॉल करवाया। चैट और दस्तावेज़ों में SAMCO Securities का नाम और लोगो इस्तेमाल हुआ। निवेशक ने अगस्त 2026 में करीब ₹30 लाख अलग अलग फर्मों के करंट अकाउंट में भेजे। ऐप ने ₹2.47 करोड़ का बैलेंस दिखाया, लेकिन ₹1,15,000 की निकासी “सलाहकार” के कहने पर रद्द करवा दी गई। SAMCO का असली ऐप एक अलग नाम से आता है।
अगर आपने sam pro app kya hai सर्च किया है, तो शायद किसी WhatsApp ग्रुप ने आपको यह ऐप डाउनलोड करने को कहा है, या आपका पैसा इसमें फंस चुका है।
हमने एक निवेशक की पूरी चैट, ऐप के स्क्रीनशॉट और बैंक मैसेज ध्यान से पढ़े हैं।
नीचे हम आसान शब्दों में बताएंगे कि यह सब कैसे शुरू हुआ, पैसा कहां गया, और अब आपको क्या करना चाहिए।
Sam Pro App Kya Hai in Hindi
पहले यह समझ लेते हैं कि यह ऐप कैसा दिखता है और निवेशक तक कैसे पहुंचा।
ऐप में Home, Market Quotes, Watchlist, Trade और My जैसे टैब हैं, साथ ही Deposit, Withdraw, Fund Details और Banking Details के बटन हैं।
इसमें “Samco Customer Service Center” नाम की एक चैट भी है।
SAMCO Securities Limited एक SEBI-रजिस्टर्ड ब्रोकर है, और उसका असली Android ऐप Samco Securities Limited के नाम से प्रकाशित होता है।
Google Play पर SAMCO का असली ऐप, जिसका डेवलपर Samco Securities Limited है
हमारे देखे रिकॉर्ड में Sam Pro और SAMCO के बीच कोई संबंध नहीं दिखता। यानी किसी भरोसेमंद नाम का इस्तेमाल करके लोगों को फंसाया गया।
Sam Pro ऐप Scam: जानिए कैसे शुरू हुआ धोखाधड़ी का यह खेल
यह कहानी ऐप से नहीं, बल्कि Facebook के एक मैसेज से शुरू हुई।
देखिए भरोसा कदम दर कदम कैसे बनाया गया:
1. Facebook पर “Bollinger Tips”
“Bollinger Tips” नाम की एक Facebook प्रोफाइल ने खुद को 20 साल के अनुभव वाला टेक्निकल एनालिस्ट बताया। प्रोफाइल पर सिर्फ 65 दोस्त थे और एक भी पोस्ट नहीं।
“Bollinger Tips” नाम की Facebook प्रोफाइल, जिसमें 65 दोस्त और 0 पोस्ट दिख रहे हैं
मैसेज में मुफ्त पोर्टफोलियो देखने और 30 से 50 प्रतिशत रिटर्न की बात हुई, फिर WhatsApp ग्रुप का लिंक भेजा गया।
फ्री पोर्टफोलियो एनालिसिस और 30 से 50 प्रतिशत रिटर्न का वादा करता WhatsApp मैसेज
2. WhatsApp ग्रुप और 200 प्रतिशत की गारंटी
निवेशक को “VIP 926” और “Keep Growing” ग्रुप में जोड़ा गया। वहां रोज़ “Professor Jimeet Modi” के नाम से सेशन होते थे।
Jimeet Modi असल में SAMCO के संस्थापक का नाम है, और ग्रुप में दो अलग नंबर इसी नाम से दिखते हैं।
कुछ दिनों बाद एडमिन ने लिखा कि क्लब कम से कम 200 प्रतिशत मुनाफे की गारंटी देता है, और उससे ज़्यादा मुनाफे पर 20 प्रतिशत “मेंबरशिप फीस” लेगा।
WhatsApp ग्रुप एडमिन का मैसेज, जिसमें कम से कम 200 प्रतिशत मुनाफे की गारंटी दी गई
शेयर बाज़ार में तय मुनाफे की गारंटी अपने आप में खतरे का संकेत है। तय मुनाफे का वादा सुनते ही रुक जाना online fraud se bachne ke tarike की पहली आदत है।
Sam Pro App Download: Play Store की आड़ में नकली मंज़ूरी का खेल
अब वह हिस्सा जहां ऐप फोन में आया और भरोसा पक्का करने के लिए “सरकारी” दिखने वाले कागज़ भेजे गए।
एडमिन ने Play Store पर “Sam-pro” सर्च करके इंस्टॉल करने को कहा। रजिस्ट्रेशन में सबके लिए एक ही वेरिफिकेशन कोड 666888 और उसका अपना इनविटेशन कोड 999007 इस्तेमाल हुए।
फिर ऐप ने आधार या PAN कार्ड अपलोड करवाया।
इसके बाद SAMCO के लोगो वाला एक फॉर्म भेजा गया, जिस पर लाल रंग में “PASSED” लिखा था।
बाद में ऐप की चैट में SEBI के लोगो वाला “बैंक अकाउंट अप्रूवल नोटिस” भी आया।
SEBI किसी निजी फर्म के बैंक अकाउंट को आपका ट्रेडिंग पैसा लेने की मंज़ूरी नहीं देता।
असली ब्रोकर सिर्फ अपने नाम वाले अकाउंट में पैसा लेता है।
Sam Pro App में पैसा कहां गया? Mule Bank Accounts का सच
यहीं असली पैसा बैंक से निकला। हर बार तरीका लगभग एक जैसा था।
ऐप की चैट कहती थी, “थोड़ा रुकिए, हम आपको एक बैंक अकाउंट से मैच कर रहे हैं।”
फिर लगभग हर बार किसी अलग, असंबंधित फर्म का करंट अकाउंट दिया जाता था।
भेजी गई रकम
तरीका
₹40
UPI, छोटा टेस्ट ट्रांसफर
₹20,000
बैंक ट्रांसफर
₹50,000
NEFT
₹3,04,000
बैंक ब्रांच से RTGS
₹26,40,000
बैंक ब्रांच से RTGS
चैट ने NEFT की जगह IMPS या RTGS इस्तेमाल करने को कहा, और हर पेमेंट के बाद UTR नंबर या डेबिट मैसेज मांगा।
यह भी पढ़ें:Finsol App real or fake in hindi, जानिए कि रजिस्टर्ड कंपनी का होना हर ऐप, वेबसाइट या ग्रुप को असली क्यों नहीं बना देता।
Sam Pro App Withdrawal Fraud: ऐप से पैसे क्यों नहीं निकल रहे?
डैशबोर्ड पर ₹2,47,40,458 फंड और ₹2,05,01,558 का मुनाफा दिख रहा था। फिर भी पैसा बाहर नहीं आया, और इसकी वजह समझना ज़रूरी है।
निवेशक ने ₹1,15,000 की निकासी लगाई थी। बाद में उसने ऐप की सपोर्ट चैट में लिखा कि “इन्वेस्टमेंट एडवाइज़र की सलाह पर” इसे रद्द कर दें, और सपोर्ट ने उसकी तरफ से रद्द करने की पेशकश की।
Samco के सपोर्ट चैट में निवेश सलाहकार की सलाह पर विथड्रॉल रद्द करने का अनुरोध
इसके बाद उसी चैट में ₹26,40,000 RTGS के लिए अकाउंट मांगा गया। यानी निकासी हट गई और उससे कहीं बड़ी जमा राशि आ गई।
सीधी बात यह है कि आपका पैसा ऐप में नहीं, उन बैंक अकाउंट्स में गया। ऐप पर दिखने वाले करोड़ सिर्फ स्क्रीन के आंकड़े हैं।
याद रखिए, पैसा वापस मिलने की कोई गारंटी नहीं होती। जितनी जल्दी शिकायत होगी और जितना पैसा पाने वाले अकाउंट में बचा होगा, संभावना उतनी बेहतर होगी।
अस्वीकरण: यह लेख एक पीड़ित द्वारा हमसे साझा की गई चैट, स्क्रीनशॉट और बैंक मैसेज पर आधारित है, जिसमें उसकी निजी जानकारी हटा दी गई है। यह सिर्फ बताता है कि इन रिकॉर्ड में क्या दिखता है, और SAMCO Securities, उसके संस्थापक या किसी बैंक अकाउंट धारक पर कोई आरोप नहीं लगाता।
निष्कर्ष
Sam Pro App का यह मामला दिखाता है कि भरोसेमंद नाम उधार लेकर कितनी सफाई से कहानी बनाई जाती है।
पहले Facebook, फिर “प्रोफेसर” के सेशन, फिर PASSED वाला फॉर्म और आखिर में SEBI के लोगो वाला नोटिस।
पैसा लेकिन अलग-अलग फर्मों के अकाउंट में गया, और निकासी “सलाह” पर रद्द हो गई।
अगर आपकी चैट भी ऐसी ही दिखती है, तो आज ही पैसा भेजना रोकिए, शिकायत कीजिए और हर स्क्रीनशॉट संभालकर रखिए।
Report. Recover. Stay Fraud Free.
Frequently Asked Questions
यह एक ट्रेडिंग ऐप है, जिसे हमारे देखे केस में WhatsApp एडमिन ने इंस्टॉल करवाया। इसमें SAMCO का नाम दिखा, करीब ₹30 लाख जमा हुए, ऐप ने ₹2.47 करोड़ दिखाए और निकासी रद्द करवा दी गई।
SAMCO का आधिकारिक ऐप Samco Securities Limited के नाम से प्रकाशित होता है। हमारे देखे रिकॉर्ड में Sam Pro का SAMCO से कोई संबंध नहीं दिखा। सीधे SAMCO से लिखित में पुष्टि करें।
इस केस में पैसा निजी फर्मों के अकाउंट में गया, 200 प्रतिशत मुनाफे की गारंटी दी गई और निकासी नहीं हुई। किसी भी ब्रोकर पर भरोसा करने से पहले SEBI की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन जांचें।
इस केस में निकासी "सलाहकार" के कहने पर रद्द हुई। कोई फीस या टैक्स न भरें। 1930 पर कॉल करें, cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें और बैंक को UTR के साथ लिखित सूचना दें।
1930 हेल्पलाइन और cybercrime.gov.in पर शिकायत करें, अपने बैंक को लिखित में बताएं, और SAMCO की आधिकारिक सपोर्ट को उसके नाम के गलत इस्तेमाल की जानकारी दें।