Quick Summary
किसी भी research analyst का registration SEBI की official website पर Intermediaries section में जाकर check होता है। सिर्फ number का list में होना काफी नहीं है। Number के साथ registered नाम, entity का type, validity और contact details का भी match होना ज़रूरी है, क्योंकि fake operators असली analysts के numbers copy करके इस्तेमाल करते हैं। मिलता जुलता नाम रखना, cancel हो चुका registration दिखाना और photoshop किया हुआ certificate भेजना बाकी की आम tricks हैं। नीचे checking का step by step तरीका और हर trick को पकड़ने का point दिया गया है।
आजकल fraud करने वाले भी होशियार हो गए हैं। पूछो registration number, तो तुरंत भेज देते हैं। INH के साथ पूरा number, certificate की photo भी।
और यहीं ज़्यादातर लोग धोखा खा जाते हैं। Number देखकर मान लेते हैं कि बंदा असली है।
सच ये है कि number भेजना और number का असली होना दो अलग बातें हैं।
ये blog आपको exact तरीका बताएगा कि किसी भी INH number की सच्चाई 5 minute में कैसे निकालें, और वो 4 tricks भी जिनसे fake लोग असली number के पीछे छुपते हैं।
Step by Step: SEBI की Site पर Check करने का तरीका
ये process बिल्कुल simple है, बस पाँच मिनट का काम है। कोई app download करने की ज़रूरत नहीं, सीधे SEBI की official site से ही सारी जानकारी मिल जाती है।
Check करने के steps कुछ इस प्रकार हैं:
- Google पर “SEBI registered intermediaries” search कीजिए और result खोलिए। सीधे SEBI की site का ही address होना चाहिए, कोई और site नहीं।
- Intermediaries या “Recognised Intermediaries” section में जाइए और category में Research Analyst चुनिए।
- Search box में वो INH number डालिए जो आपको दिया गया है। नाम से भी search कर सकते हैं, पर number से search ज़्यादा भरोसेमंद है।
- जो record खुले, उसे पूरा पढ़िए। यहीं असली काम है, और यहीं अगला section शुरू होता है।
सिर्फ record खुल जाना काफी नहीं है, उसमें लिखी हर चीज़ को ध्यान से जाँचना ज़रूरी है।
सिर्फ Number मिलना काफी नहीं, ये 4 चीज़ें Match कीजिए
Number list में दिख जाना सिर्फ़ आधी जीत है। असली जाँच अब शुरू होती है, जहाँ record की हर detail को सामने वाली entity से मिलाना होता है।
कई बार यही जाँच तब शुरू होती है जब stock advisory subscription li service nahi mili वाली शिकायत सामने आती है, यानी पैसे तो दे दिए, पर promised calls या advice कभी मिली ही नहीं।
ऐसे में entity असली है या नकली, ये जानना पहला कदम बन जाता है।
पहली चीज़: नाम, letter by letter। Record में जो नाम है और जो entity आपसे बात कर रही है, दोनों बिल्कुल same होने चाहिए। “Sharma Research” और “Sharma Research Investments” दो अलग entities हैं। एक असली हो सकती है, दूसरी उसके नाम पर बनी दुकान।
दूसरी चीज़: Individual है या company। Record बताता है कि registration किसी individual के नाम है या firm के। अगर registration Ramesh Kumar नाम के individual का है और आपसे “RK Global Advisory Pvt Ltd” बात कर रही है, तो certificate किसी और का है।
तीसरी चीज़: Validity। Registration की status और validity देखिए। कुछ numbers असली होते हैं पर उनका registration cancel या suspend हो चुका होता है। Cancel हुए registration पर service बेचना वैसा ही है जैसे expired licence पर गाड़ी चलाना।
चौथी चीज़: Contact details। SEBI record में registered email और address होता है। आपसे बात करने वाले का email उसी domain का है या कोई random Gmail? Record वाला office Mumbai में है और आपको बताया गया office Indore में? हर mismatch एक जवाब माँगता है।
ये चारों चीज़ें match हो जाएँ, तब भी fraud करने वाले कुछ common tricks इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें पहचानना उतना ही ज़रूरी है।
Fake registration की 4 tricks, और हर एक को पकड़ने का तरीका
Fraud करने वाले भी record मिलने से नहीं रुकते, वो और आगे की चालें चलते हैं। यही 4 tricks सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होती हैं।
- Copied number। किसी असली analyst का INH number उठाकर अपनी profile में लगा लेना। Check करने पर number list में मिल जाता है, इसलिए ज़्यादातर लोग यहीं रुक जाते हैं। पकड़ कैसे? ऊपर वाला name match। Number असली होगा, नाम उसका नहीं होगा।
- मिलता जुलता नाम। असली registered firm “Wealth Research” है तो fraud अपना नाम “Wealth Research India” रख लेता है। Search में असली firm दिखती है, भरोसा बन जाता है। पकड़ कैसे? SEBI record की contact details से सीधे असली firm को पूछिए कि ये आपका ही number है क्या।
- Certificate की photo। WhatsApp पर certificate की image भेज दी जाती है। Photoshop में certificate बनाना 10 minute का काम है। पकड़ कैसे? Certificate को proof मानिए ही मत। Proof सिर्फ SEBI की site का live record है, जो आप खुद अपने phone पर निकालें।
- पुराना cancel हुआ registration। Registration कभी असली था, action के बाद cancel हो गया, पर certificate अभी भी दिखाया जा रहा है। पकड़ कैसे? Validity और status column। साथ में Google पर entity का नाम और “SEBI order” search कर लीजिए। Action हुआ होगा तो order सामने आ जाएगा।
चारों tricks एक ही बात साबित करती हैं, कागज़ पर दिखने वाली चीज़ों पर आँख बंद करके भरोसा नहीं किया जा सकता।
अब सवाल ये है कि सब कुछ check करने के बाद आपको आगे क्या करना है।
Check करने के बाद के दो रास्ते
अगर सब match हो गया, तो entity legal है। बस इतना याद रखिए कि registration सिर्फ पहली शर्त है। Registered entity के साथ भी service के अपने नियम हैं, जो वो तोड़ सकती है। वो पूरी list यहाँ है: research analyst kya kar sakta hai kya nahi ।
अगर कुछ भी match नहीं हुआ, और आपने अभी तक payment नहीं किया है, तो आप बच गए। उस number को block कीजिए और आगे बढ़ जाइए।
लेकिन अगर payment हो चुका है, तो अब आप ये जान चुके हैं कि आपके साथ fraud हुआ है।
ये जानकारी डरने के लिए नहीं, action लेने के लिए है। Fake registration दिखाकर पैसे लेना सीधा cheating का case है, और इसमें complaint के एक से ज़्यादा रास्ते खुलते हैं।
आपके case में कौन से रास्ते बनते हैं, SCORES, cyber crime या दोनों, ये आपके payment और chats देखकर हमारी team साफ़ बताएगी, और आपकी इस case को लड़ने में भी मदद करेगी। यहाँ register करें।
Fake registration पकड़ना सिर्फ़ number check करने तक सीमित नहीं है, इसके पीछे और भी patterns होते हैं जो एक genuine-looking entity को भी fake बना सकते हैं।
ये patterns research analyst और investment adviser दोनों पर लागू होते हैं।
Fake RA या IA को पूरी तरह पहचानने का detailed तरीका, और अगर सामने वाला fake निकले तो आगे क्या करना है, यहाँ पढ़िए: fake research analyst kaise pehchane
निष्कर्ष
Registration number check करना कोई formality नहीं, आपकी पहली और सबसे ज़रूरी सुरक्षा है।
सिर्फ number का list में होना काफी नहीं, नाम, entity type, validity और contact details का match होना भी उतना ही ज़रूरी है।
Fake operators असली numbers copy करते हैं, मिलते जुलते नाम रखते हैं, और photoshop किए हुए certificates तक भेज देते हैं।
पाँच मिनट की ये जाँच आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है, तो अगली बार number मिलते ही सीधे SEBI की site पर जाइए।
Frequently Asked Questions
SEBI record की email पर सीधा mail कीजिए और पूछिए कि जिस number से आपकी बात हो रही है वो उनका ही है या नहीं। असली firm का जवाब दो दिन में आ जाता है। Fraud वाले का नाम use हो रहा होगा तो firm खुद action लेगी।
दोनों। SEBI SCORES पर unregistered advisory की complaint होती है, जिससे SEBI अपनी तरफ़ से action ले सकती है। पैसे वापस लाने के लिए cyber crime portal और police का रास्ता साथ में चलता है, क्योंकि ये सीधा cheating है।
ये सवाल हर उस इंसान के मन में होता है जो check करने के बाद सच जानता है। Recovery payment trail, speed और documents पर depend करती है। कई cases में पैसा वापस आया है, कई में नहीं। पर एक बात पक्की है, complaint न करने पर वापस आने का chance zero है।





