Quick Summary
Payment के बाद contact बंद कर देना SEBI registered research analyst के लिए Code of Conduct का सीधा उल्लंघन है, क्योंकि grievance का timely जवाब देना उसकी legal obligation है। आपका पहला काम complaint नहीं, evidence बचाना है, क्योंकि सामने वाला सबूत मिटाने की तैयारी में है। दूसरा काम registration status check करना, क्योंकि उसी से रास्ता तय होता है। तीसरा काम firm के Compliance Officer को formal email, जो SCORES complaint की नींव बनता है। तीनों का order और तरीका नीचे है।
पहले वो हमेशा available रहते थे। Call तुरंत उठती थी, WhatsApp पर instant reply आता था। “Sir ये opportunity miss मत करना” जैसे messages रोज़ आते थे।
फिर पैसे गए, और सब बदल गया। Message delivered नहीं हो रहा। Call नहीं उठ रही। दूसरे number से try किया तो उठाकर block कर दिया।
अगर ये आपके साथ हुआ है, तो दो बातें अभी जान लीजिए। पहली, ये कोई अनोखा हादसा नहीं, एक जाना-पहचाना pattern है जो हज़ारों investors के साथ रोज़ होता है। दूसरी, block करने वाला सोचता है कि गायब होकर वो बच गया। सच उल्टा है, और नीचे उसी सच का रास्ता है।
Payment के बाद Contact टूट जाए तो सबसे पहले ये काम कीजिए
घबराने या बार बार call try करने में समय मत गँवाइए, अभी हर मिनट matter करता है।
सामने वाला जितनी जल्दी गायब होने की तैयारी करता है, आपको उतनी ही जल्दी अपना case मज़बूत बनाना है।
यही तीन काम आपके अगले कदम की पूरी नींव तय करते हैं।
1. Evidence, अभी, इसी वक्त
जो block करता है, वो अगले step में अपने numbers, groups और profiles delete करता है। आपको उससे पहले move करना है।
ये save कीजिए। वो पूरी WhatsApp chat जिसमें उसने खुद को firm का बताया और service के promises किए। Payment के screenshots, amount, date और account के साथ।
आखिरी delivered message का screenshot, और block होने के बाद का “message not delivered” वाला screenshot भी, क्योंकि वो भी सबूत है। Call log, जिसमें आपकी बार बार की कोशिशें दिखती हैं।
उसके delete करने से आपके phone का record नहीं मिटता। उसका गायब होना उसे बचाता नहीं, आपकी complaint को और serious बनाता है।
2. Registration status check कीजिए
अब 5 minute SEBI की site पर लगाइए और उसका नाम या INH number check कीजिए। पूरा step by step तरीका और fake number पकड़ने की tricks इस guide में हैं: sebi registration number check kaise kare।
Check का नतीजा ही आपका रास्ता तय करेगा, इसलिए ये step छोड़िए मत।
Status Active मिला तो नीचे का रास्ता आपका है, काम 3 से शुरू कीजिए।
नाम मिला ही नहीं, तो मामला service का नहीं, सीधा fraud का है। उसका रास्ता अलग और ज़्यादा urgent है, cyber complaint समेत, और वो पूरा यहाँ है: unregistered advisory ke khilaf complaint kaise kare।
Status Cancelled या Suspended दिखा, तो आपका case एक तीसरी ही category में है, जिसके अपने रास्ते हैं। उसकी पूरी guide यहाँ है: research analyst ka sebi registration cancel ho gaya।
3. Compliance Officer को formal email
Registered firm में आपकी अगली चिट्ठी उस बंदे को नहीं जाएगी जिसने block किया। वो firm के Compliance Officer को जाएगी, जिसका email firm की website या SEBI record में होता है।
Email में सिर्फ facts लिखिए। कब, कितनी fees, किस service के लिए दी। कब से कोई response नहीं है। कितनी बार contact की कोशिश की।
ये email दो काम करता है। पहला, कई firms यहीं जाग जाती हैं, क्योंकि Compliance Officer को पता है कि अगली सीढ़ी SEBI है। दूसरा, जवाब ना आए तो यही email आपकी SCORES complaint का सबसे मजबूत attachment बनता है, ये सबूत कि आपने मौका दिया और firm फिर भी चुप रही।
Research Analyst का जवाब ना आए तो: SCORES और आगे
Email के जवाब का reasonable समय देकर SCORES पर complaint file कीजिए। Complaint में साफ लिखिए कि payment के बाद firm ने contact बंद कर दिया, और email का record attach कीजिए।
SCORES complaint के बाद firm का जवाब देना legally बँध जाता है, यही informal शिकायत और formal complaint का फर्क है।
Filing का पूरा step by step process यहाँ है: sebi me complaint kaise kare।
और SCORES से बात ना बनने पर SMART ODR का रास्ता चुनें।
एक Extra Ground जो Case को और भारी करता है
Payment किस account में गई थी, ये देखिए।
Firm के corporate account में नहीं, किसी individual के personal account या personal UPI में गई थी, तो आपके पास दूसरा ground भी है, illegal fee collection का।
SCORES complaint में दोनों grounds लिखिए, service ना मिलना और personal account में fees। दो grounds वाली complaint एक ground वाली से हमेशा तेज़ चलती है।
आपके case में कौनसे grounds बनते हैं, email में क्या लिखना है और complaint किस stage से शुरू हो, ये आपके screenshots और payment record देखकर हमारी team आपको बताएगी। Block होने के बाद अकेला मत लड़िए, इस पूरी process में हम आपके साथ हैं। यहाँ register करें।
निष्कर्ष
Payment के बाद research analyst का गायब हो जाना कोई हादसा नहीं, एक जाना पहचाना pattern है, और उसका सामना करने का एक सही तरीका है।
सबसे पहला काम evidence बचाना है, क्योंकि उसका गायब होना उसे बचाता नहीं, आपकी complaint को और मज़बूत बनाता है।
Registration status ही आपका रास्ता तय करता है, इसलिए उसे check करना कभी मत छोड़िए।
अपने records आज ही save कीजिए, और Compliance Officer को email भेजकर पहला कदम अभी उठाइए।
Frequently Asked Questions
नहीं। Payment का record bank statement और UPI history में हमेशा रहता है, और वही case की रीढ़ है। जो भी screenshots, call logs या emails बचे हैं, उनके साथ complaint बन सकती है। हाँ, आगे से हर चीज़ का backup पहला काम रखिए।
लिखित में जवाब माँगिए कि service कब resume होगी, date के साथ। Technical issue वाला बहाना लिखित deadline के सामने नहीं टिकता। Deadline निकल जाए तो वही email SCORES complaint का अगला attachment बन जाता है।
Evidence save करने और registration check करने के लिए एक दिन का भी wait मत कीजिए। Compliance email भी आज ही जा सकता है। Formal complaint से पहले firm को जवाब का reasonable मौका देना होता है, पर तैयारी में देर का कोई फ़ायदा नहीं।





