Quick Summary
Unregistered advisory के खिलाफ तीन रास्ते एक साथ चलते हैं। पहला SEBI SCORES, जहाँ unregistered entities की अलग category है और जहाँ से SEBI उस entity पर अपनी तरफ से action ले सकती है। दूसरा national cyber crime portal और helpline, जो पैसे की recovery के लिए सबसे तेज़ रास्ता है क्योंकि जल्दी complaint होने पर fraud वाले accounts freeze कराए जा सकते हैं। तीसरा police complaint, जो cheating का criminal case बनाता है। तीनों में सही order और speed सबसे ज़्यादा matter करती है।
जब पता चलता है कि जिस advisory को पैसे दिए वो SEBI registered ही नहीं थी, तो ज़्यादातर लोग एक ही सोच में फँस जाते हैं।
“जब वो SEBI में registered ही नहीं है, तो SEBI उसका क्या कर लेगी? Complaint का फायदा ही क्या?”
यही सोचकर हज़ारों लोग complaint करते ही नहीं। और fraud करने वाले इसी बात पर पलते हैं। सच इसका उल्टा है।
Unregistered entity के खिलाफ रास्ते कम नहीं, ज़्यादा खुलते हैं। क्योंकि अब मामला सिर्फ service का नहीं, सीधा cheating का है।
Unregistered Advisory के खिलाफ शिकायत अलग क्यों होती है?
Registered RA के साथ dispute service का मामला होता है। Refund, deficiency, violation।
Unregistered entity के साथ मामला अलग है। जिसे tips बेचने का हक़ ही नहीं था, उसने खुद को advisor बताकर पैसे लिए। कानून की नज़र में ये धोखाधड़ी है।
इसका मतलब ये है कि आपको ये साबित नहीं करना कि tips कितनी बुरी थीं। सिर्फ ये दिखाना है कि पैसे लिए गए और लेने वाला unregistered था।
दूसरी बात आप SEBI की site से 5 minute में साबित कर सकते हैं।
अगर आपको अभी तक यह confirm नहीं है कि कोई advisory SEBI registered है या नहीं, तो पहले उसका registration verify कर लीजिए। हमारी guide में हमने पूरा process step by step समझाया है: sebi registration number check kaise kare।
बिना SEBI Registration वाली Advisory के खिलाफ Complaint कैसे करें?
Unregistered advisory के खिलाफ शिकायत करने के लिए एक नहीं, कई रास्ते मौजूद हैं। लेकिन सबसे अच्छा नतीजा पाने के लिए इन्हें सही क्रम में अपनाना ज़रूरी है।
रास्ता 1: Cyber Crime Portal, सबसे पहले यहाँ जाइए
पैसे वापस लाने की नज़र से ये सबसे तेज़ रास्ता है, और इसमें हर घंटा गिनती में है।
Helpline पर call कीजिए। Fraud ताज़ा है, payment हाल में हुई है, तो सबसे पहले यही call कीजिए। जल्दी report होने पर वो accounts freeze कराने की कोशिश होती है जिनमें आपका पैसा गया।
फिर cybercrime portal पर written complaint डालिए। Portal पर financial fraud की category चुनिए। Payment के details, UPI ID या account number, chats के screenshots, सब upload होता है।
यहाँ एक कड़वा सच भी जान लीजिए। Freeze तभी काम करता है जब पैसा अभी उन accounts में हो। हफ्तों पुराने fraud में पैसा आगे निकल चुका होता है। इसीलिए ये blog पढ़ते ही, आज ही, complaint कीजिए।
रास्ता 2: SEBI SCORES, unregistered category में
SCORES पर complaint डालते समय entity को registered list में ढूँढने की ज़रूरत नहीं है। Unregistered entities के लिए अलग option होता है।
यहाँ complaint का मकसद थोड़ा अलग समझ लीजिए। SCORES से SEBI उस entity के खिलाफ अपनी कार्रवाई शुरू कर सकती है। Warning, interim order, bank accounts पर रोक, public notice।
आपकी complaint उस file का हिस्सा बनती है। और जब ऐसी entities पर SEBI का order आता है, तो पैसे लौटाने की direction भी उसमें आ सकती है।
SCORES पर complaint डालने का पूरा process हमारी step by step guide में है: sebi me complaint kaise kare।
रास्ता 3: Police complaint, criminal pressure के लिए
Cyber portal की complaint और police FIR दो अलग चीज़ें हैं। बड़े amount के cases में local police station या cyber cell में written complaint देकर FIR की कोशिश ज़रूर कीजिए।
FIR का असर सीधा होता है। जो entity SEBI के letter को ignore कर सकती है, वो police के summon को ignore नहीं कर पाती। बहुत से cases में settlement की बातचीत FIR के बाद ही शुरू होती है।
तीनों रास्तों का सही order
पहले दिन helpline पर call और cyber portal complaint। इसी हफ्ते SCORES complaint। और साथ-साथ police complaint की तैयारी, खासकर अगर amount बड़ा है।
तीनों जगह एक ही सच, एक ही documents, एक ही timeline जानी चाहिए। तीन जगह तीन अलग कहानियाँ आपके अपने case को कमज़ोर करती हैं।
और यहीं पर ज़्यादातर लोग उलझ जाते हैं। किस complaint में क्या लिखना है, amount कैसे दिखाना है, कौन से screenshots किस order में लगाने हैं। एक कमज़ोर लिखी complaint महीनों की देरी बन जाती है।
आपके case के documents देखकर तीनों complaints की सही strategy हमारी team आपको बताएगी । Complaint लिखने से लड़ने तक हम आपका साथ देंगे। यहाँ register करें।
निष्कर्ष
अगर कोई advisory SEBI registered नहीं थी, तो इसका मतलब यह नहीं कि आपके पास शिकायत करने का कोई रास्ता नहीं है।
सही समय पर Cyber Crime Portal, SEBI SCORES और पुलिस के पास शिकायत करना आपके case को मज़बूत बना सकता है।
सबसे ज़रूरी है कि आप सभी payment proofs और documents सुरक्षित रखें और बिना देरी किए कार्रवाई शुरू करें।
सही कदम जितनी जल्दी उठाए जाएंगे, उतनी ही बेहतर संभावना होगी कि आपके मामले में प्रभावी कार्रवाई हो सके।
Frequently Asked Questions
होगी। Number foreign हो सकता है पर पैसा Indian bank account या UPI में ही गया होगा। Complaint payment trail पर चलती है, number पर नहीं। इसीलिए payment का record सबसे कीमती document है।
Complaint का अधिकार amount से नहीं जुड़ता। और एक बात समझ लीजिए, आपके जैसे 200 लोग 15,000 वाले होंगे। Complaints जितनी ज़्यादा होंगी, entity पर action उतना जल्दी होगा। आपकी छोटी complaint किसी और के बड़े case की नींव बन सकती है।
Freeze होने का मतलब पैसा रोक लिया गया है, वापस आना अगला step है। उसके लिए court के through refund process चलता है जिसमें आपकी complaint और payment proof काम आते हैं। Process में time लगता है पर पैसा बचा हुआ है, ये सबसे बड़ी बात है।
Registered entity को जवाब देना ज़रूरी होता है, unregistered को नहीं। इसीलिए SCORES यहां refund का नहीं, SEBI के action का रास्ता है। Refund की असली लड़ाई cyber complaint और police के रास्ते लड़ी जाती है। इसीलिए तीनों रास्ते साथ चलाने ज़रूरी हैं।





